नई दिल्ली। जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने स्पष्ट किया कि अदालत किसी भी गंभीर अपराध के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई रोकने का निर्देश नहीं दे रही है।
CJI ने कहा कि यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि यदि किसी पुलिस अधिकारी ने गलत कार्रवाई की है तो उसे संरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है और यदि किसी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सुनवाई के दौरान मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन पर भी विचार करने की बात कही गई। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को अपना-अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है ताकि मामले के सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जा सके।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को निर्धारित की है। अब सभी पक्ष अपने जवाब दाखिल करेंगे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट SIT गठन और आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकता है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को अहम माना जा रहा है, क्योंकि अदालत ने एक ओर गंभीर अपराधों पर कार्रवाई जारी रखने की बात कही, वहीं पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही पर भी स्पष्ट रुख अपनाया।