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E20 विवाद: नितिन गडकरी को बड़ी राहत, डीपफेक हटाने का आदेश

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05 Aug 2026 | 05:24 PM
E20 विवाद: नितिन गडकरी को बड़ी राहत, डीपफेक हटाने का आदेश

मुंबई। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को E20 ईंधन विवाद से जुड़े कथित डीपफेक और आपत्तिजनक सोशल मीडिया कंटेंट के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स को गडकरी से संबंधित चिन्हित कथित मानहानिकारक डीपफेक वीडियो, AI से तैयार तस्वीरें और अन्य सामग्री हटाने का निर्देश दिया है। (India Today⁠)

गडकरी ने अदालत का रुख करते हुए दावा किया था कि सोशल मीडिया पर AI और डीपफेक तकनीक की मदद से ऐसी सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिसमें उन्हें और उनके परिवार को E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम से जोड़ते हुए कथित आर्थिक लाभ और अन्य आरोप लगाए गए हैं। उनकी याचिका में इन आरोपों को झूठा, मनगढ़ंत और मानहानिकारक बताया गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह की सामग्री को लेकर गंभीर सवाल भी उठाए। कोर्ट ने पूछा कि आपत्तिजनक या मानहानिकारक सामग्री की पहचान और उसे हटाने के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को हर बार अदालत का दरवाजा न खटखटाना पड़े। (The New Indian Express⁠)

इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने गडकरी को Meta, X, Google सहित अन्य पक्षों के खिलाफ सिविल मुकदमा दायर करने की अनुमति दी थी। गडकरी ने अपने प्रस्तावित मुकदमे में स्पष्ट किया था कि उनका उद्देश्य E20 नीति पर निष्पक्ष आलोचना, बहस या असहमति को रोकना नहीं, बल्कि कथित रूप से फर्जी और AI से तैयार मानहानिकारक सामग्री के प्रसार पर रोक लगाना है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश में E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस चल रही है। कोर्ट का यह आदेश AI जनित डीपफेक सामग्री और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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