ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 39 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों ने वेटलिफ्टिंग, जूडो, पैरा एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती और अन्य खेलों में दमदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ नए इतिहास भी रचे।
भारत की सबसे बड़ी स्टार मीराबाई चानू रहीं, जिन्होंने महिला 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड अपने नाम किया। जूडो में अस्मिता डे ने महिला 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव हासिल किया।
पैरा एथलेटिक्स में भी भारत का दबदबा देखने को मिला। शर्मिला धनकर ने महिला F57 शॉटपुट में स्वर्ण पदक जीता। वहीं पुरुष F57 शॉटपुट में सोमन राणा ने गोल्ड और शुभम जुयाल ने सिल्वर जीतकर भारत को शानदार सफलता दिलाई।
वेटलिफ्टिंग में रिशिकांता सिंह (60 किग्रा) और राजा मुथुपांडी (65 किग्रा) ने रजत पदक जीते। अजय बाबू ने 79 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर जीतकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया। जूडो में यामिनी मौर्य ने महिला 57 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया।
बॉक्सिंग में प्रीति पवार और जादुमणि सिंह जैसे खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए भारत के अभियान को मजबूती दी, जबकि तैराकी, पैरा स्पोर्ट्स और अन्य प्रतियोगिताओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता का परिचय दिया।
भारत के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि देश का खेल ढांचा लगातार मजबूत हो रहा है। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा प्रतिभाओं ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतरीन प्रदर्शन कर भविष्य के लिए उम्मीदें बढ़ाई हैं। सरकार, खेल संघों और देशभर के खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर बधाई दी है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का चौथे स्थान पर रहना इस बात का संकेत है कि भारतीय खिलाड़ी अब लगभग हर खेल में विश्व स्तर पर चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। अब देश की नजर आगामी एशियन गेम्स और ओलंपिक की तैयारियों पर होगी, जहां इन खिलाड़ियों से एक बार फिर पदकों की उम्मीद रहेगी।