नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने देश के युवाओं, विशेषकर Gen-Z को संबोधित करते हुए कहा कि “आजादी का मतलब मनमर्जी नहीं होता।” उन्होंने युवाओं से अधिकारों के साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अजीत डोभाल ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति और स्वतंत्रता का अधिकार है, लेकिन इन अधिकारों का उपयोग संविधान, कानून और सामाजिक जिम्मेदारी के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुशासन, कर्तव्यबोध और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना ही सच्ची आजादी की पहचान है।
उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की भी अपील की। उनका कहना था कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उनकी सकारात्मक सोच, नवाचार तथा जिम्मेदार नागरिकता भारत को आगे ले जाएगी।
NSA डोभाल ने अपने संबोधन में इस बात पर भी जोर दिया कि आज की पीढ़ी को केवल अधिकारों की नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों की भी उतनी ही गंभीरता से चिंता करनी चाहिए। उनका संदेश था कि स्वतंत्रता तभी सार्थक है, जब उसके साथ अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी भी जुड़ी हो।