लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रदेश में पत्रकारों, डिजिटल मीडिया कर्मियों और स्वतंत्र रिपोर्टरों के खिलाफ बढ़ती आपराधिक कार्रवाइयों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर इन मामलों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की है।
अजय राय ने अपने पत्र में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र की आधारशिला है। उनका कहना है कि यदि पत्रकार जनहित के मुद्दों पर बिना भय के रिपोर्टिंग नहीं कर पाएंगे तो इसका सीधा असर लोकतांत्रिक जवाबदेही और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में पत्रकारों और डिजिटल मीडिया कर्मियों के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने 27 जून को लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर सहित महिला पत्रकारों पर हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस नेता ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (CPJ) द्वारा समय-समय पर जताई गई चिंताओं का भी हवाला दिया। उन्होंने NHRC से वर्ष 2020 से अब तक पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा कराने, उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मंगाने तथा पत्रकार संगठनों से राय लेकर आवश्यक सिफारिशें जारी करने की मांग की है।