भोपाल। दतिया उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी में मंथन का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक के साथ मुख्यमंत्री निवास पर भी चुनाव परिणाम को लेकर समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार, दतिया में हार के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है और स्थानीय संगठन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं।
जानकारी के मुताबिक, हार की समीक्षा के लिए भाजपा ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और अंबाराम कराड़ा को दतिया भेजकर हार के कारणों की जांच और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति स्थानीय कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंपेगी।
सूत्रों का कहना है कि दतिया जिला भाजपा की कार्यकारिणी में बदलाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। चुनाव के दौरान कई पदाधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में बताई जा रही है और समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर संगठनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
इस बीच, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में वर्चुअल माध्यम से भी शामिल नहीं हुए, जिसकी राजनीतिक हलकों में चर्चा रही। हालांकि उनकी अनुपस्थिति के कारण को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
भाजपा अब दतिया उपचुनाव में मिली हार के कारणों का गहन विश्लेषण कर आगामी चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की रणनीति तैयार करने में जुट गई है।